ई-सखी” योजना का संक्षिप्त परिचय”

  1.  “ई-सखी” सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग द्वारा प्रारम्भ की गई एक ऐसी योजना है जिसके माध्यम से प्रदेश की इच्छुक महिलाओं को राज्य सरकार की ओर से इलेक्ट्रोनिक माध्यम से सेवा प्रदायगी का लाभ प्राप्त करने हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। चूँकि महिलाएँ परिवार की धुरी होती है अतः राज्य सरकार द्वारा जन-कल्याण की जितनी भी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं तथा उनमें से जिन-जिन की प्रदायगी इलेक्ट्रोनिक माध्यम से की जा रही है उन सभी को महिलाओं को विभिन्न माध्यमों जैसे मोबाइल या कम्प्यूटर से प्राप्त करना आना चाहिए।
  2. ई-सखी” भी ऐसा ही एक प्रयास है जिसके माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग आवश्यक प्रशिक्षण व किट प्रदान कर लगभग एक लाख पचास हजार (1.50 लाख) ऐसी महिलाओं को प्रशिक्षित करेगा जिन्हें “ई-सखी” के नाम से जाना जाएगा और वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अन्य महिलाओं को भी डिजीटली प्रशिक्षित करेंगी ताकि लगभग 1.5 करोड़ परिवारों को आई टी के ज्ञान के माध्यम से अपने जीवन को सुलभ बना सके तथा आई टी के माध्यम से सरकारी योजनाओं को प्राप्त करने का लाभ भी मिल सके।

-सखी योजना के मुख्य उद्देश्य-

  1. ई-सखियों के मुख्य उद्देश्य -ई-सखी” योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के अधिक से अधिक लोगों को राज्य की विभिन्न योजनाओं से जोड़ कर उनकी डिजीटल माध्यम से प्रदायगी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचा कर उनकी डिजिटल साक्षरता को बढावा देना भी है। ई-सखी” योजना के तहत राज्यभर में प्रत्येक गाँव से 4 से 5 तथा शहरीध्उपनगरीय क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में से 10 ई-सखियों का चयन कर इस पहल में जोड़ा जाएगा। इस तरह राज्यभर में लगभग 1.5 लाख स्वयंसेवक महिलाओं को ई-सखियों के रूप में इस अभियान से जोड़ कर प्रत्येक ग्रामीण परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को डिजिटली साक्षर बनाना सुनिष्चित किया जाएगा। डिजिटल साक्षरता का यह अभियान माह मई 2018 से शुरू होकर माह दिसम्बर 2018 तक जारी रहेगा जिसमें 1.5 करोड़ लोगों को डिजिटली साक्षर बनाया जाएगा ।

2. ई-सखी एक क्षेत्रीय विकास व सामाजिक उत्थान में रूचि रखने वाली स्वयंसेविका होगी। इसे संविदा अथवा राजकीय कर्मी के रूप में कार्य नहीं करना है और ना ही किसी प्रकार का मानदेय देय होगा। ई-सखी स्वप्रेरणा से क्षेत्र विशेष में डिजिटल साक्षरता के प्रसारण के लिये कार्य करेंगी। इस योजना का क्रियान्वयन राजस्थान नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आर.के.सी.एल.) के माध्यम से किया जाएगा।

-सखी बनने से लाभ-
चुनी गई ई-सखियों के लिए ‘‘ई-सखी’’ प्रशिक्षण आई टी के क्षेत्र में डिजीटल संसार में प्रवेश के लिए एक नई सीढ़ी सिद्ध होगी जिससे न केवल ज्ञान वर्द्धन होगा बल्कि उनके व्यक्तित्त्व विकास के लिए भी एक स्वर्णिम अवसर साबित होगा।

  1. प्रत्येक ई-सखी को प्रशिक्षित होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
  2.  ई-सखी को यद्यपि कोई मानदेय देय नहीं है लेकिन उसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाएगा।
  3. सर्वोत्तम सखी चुने जाने पर माननीय मुख्यमंत्री महोदया के साथ ‘‘कॉफी विद CM’’ जैसे कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।
  4.  ई-सखी आई टी के ज्ञान के पश्चात अपने क्षेत्र में एक जाना-माना नाम होंगी जिसके कारण उन्हें नई पहचान प्राप्त होगी तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनको आमंत्रित किया जाने लगेगा। वे अपने अनुभव सबके साथ साझा करेंगी और अन्य महिला वर्ग के लिए प्रेरणास्त्रोत का कार्य करेंगी।
  5. जब-जब किसी को भी आई टी से सम्बन्धित कोई काम आएगा ‘‘ई-सखी को याद किया जाएगा।
  6.  भविष्य में सरकारी विभागों के ई-सखी के कार्यक्षेत्रों में होने वाले जन-कल्याण के कामों में यदि किसी स्थानीय निवासी के सहयोग की आवश्यकता होगी तो सर्वप्रथम ई-सखी को ही वरियता दी जाएगी।

इ्-सखी में आवेदन हेतु योग्‍यता : -
1 आयु सीमा 18 से 35 वर्ष
2 शैक्षणिक योग्‍यता – कम से कम 12वीं पास
3 भामाशाह आई डी
4 अपना स्‍वयं का एंड्रोएड मोबाईल फोन
5 सामाजिक कार्यों में रूचि
नोट - ई-सखी चयन व प्रशिक्षण हेतु अनुभव कम्‍प्‍यूटर शिक्षण संस्‍थान शेरगढ को चयनित किया गया है । अत ई-सखी बनने की ईच्‍छुक महिलाएं शीघ्र ही सम्‍पर्क करें ।

सम्‍पर्क –
अनुभव कम्‍प्‍यूटर शिक्षण संस्‍थान शेरगढ
सेन्‍टर कोड – 45290179
मो;नं – 9461287179
Website – acss.shergarh.in